ख़बर सुनें कश्मीर में दो सिख युवतियों के धर्मांतरण के खिलाफ जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक सोमवार को विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हुईं। लोगों ने देश के अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में भी जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। श्रीनगर में मुस्लिम समुदाय की बाप-बेटी ने सिखों के समर्थन में प्रदर्शन कर उनका समर्थन किया। जम्मू, कठुआ, उधमपुर, राजोरी समेत कई जिलों में सिखों ने प्रदर्शन किया। चट्ठा में सिख समुदाय के लोग उतरे सड़क पर कश्मीर में सिख समुदाय की दो लड़कियों को कथित तौर पर अगवा कर उनका धर्मांतरण करने को लेकर सोमवार को जम्मू में सिख समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। सोमवार को चट्ठा स्थित कर्ण बाग इलाके में समुदाय के लोगों ने घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार से अंतर-धार्मिक विवाह कानून को लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान समुदाय के लोगों ने कहा कि इस तरह की घटना सहने योग्य नहीं है। सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। प्रदर्शन में मौजूद सिख समुदाय की महिलाओं ने कहा कि बंदूक के बल पर लड़कियों का अपहरण और फिर उन्हें धर्म बदलने के लिए मजबूर करना और फिर अधेड़ उम्र के व्यक्ति के साथ विवाह करवाना शर्मनाक है। बहुसंख्यक समुदाय के धार्मिक व राजनीतिक लोगों को आगे आकर इस तरह की घटनाओं की निंदा करनी चाहिए। धर्मांतरण के खिलाफ रिहाड़ी में भी प्रदर्शन जबरन धर्मांतरण के खिलाफ जम्मू के रिहाड़ी चौक पर भी स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि कश्मीर घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों को उल्लंघन किया जा रहा है। स्थानीय अरुण शर्मा ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश की तरह जम्मू-कश्मीर में अंतर-धार्मिक विवाह कानून लागू होना चाहिए। प्रदर्शन में हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे। धर्मांतरण के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो : विहिप विश्व हिंदू परिषद ने जम्मू-कश्मीर में धर्मांतरण और लव जेहाद विरोधी कानून को जल्द लागू करने की मांग की। वहीं कश्मीर में सिख युवतियों के धर्मांतरण के मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस संबंधी मांग उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की है। विहिप के प्रदेश अध्यक्ष लीलाकरण शर्मा ने कहा कि श्रीनगर में हाल ही में सिख युवती काअपहरण और बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति से उसकी शादी का मामला चिंता का विषय है। पिछले कुछ महीनों से सिख लड़कियों को मुस्लिम पुरुषों से शादी करने के लिए मजबूर करने या लालच देने के कई मामले सामने आए हैं। प्रशासन को घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी। मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष राजेश गुप्ता, प्रांत महामंत्री अभिषेक गुप्ता, प्रांत उपाध्यक्ष शक्ति दत्त शर्मा, प्रांत सह मंत्री निशु गुप्ता, विभाग अध्यक्ष सुरेश और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। अंतर-धार्मिक विवाह अधिनियम लागू किया जाए: शिव सेना सिख समुदाय की युवतियों के जबरन धर्मांतरण के खिलाफ शिव सेना हिंदुस्तान ने प्रदर्शन किया। शिव सेना अध्यक्ष विक्रांत कपूर ने प्रदेश में उत्तर प्रदेश की तरह अंतर-धार्मिक विवाह अधिनियम लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ इस तरह की घटना निंदनीय है। प्रदेश सरकार को इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। कश्मीर में इस तरह की घटनाओं की गहनता से जांच होनी चाहिए।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जम्मू-कश्मीर में धर्म परिवर्तन कराकर विवाह कराने के मामले पर रोष जाहिर किया है। इस मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता व प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से टेलीफोन पर बातचीत की। सिरसा ने बताया कि गृह मंत्री ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान भरोसा दिलाया कि वह पूरे हालात की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। सूबे के उप-राज्यपाल से केस के विवरण प्राप्त कर चुके हैं। गृह मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सिख लड़कियां जल्द ही परिवारों के पास आएंगी। सिरसा ने कश्मीर के सियासी नेताओं से भी अपील की है कि इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़े। जब तक इंसाफ नहीं मिलता तब तक दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चैन से नहीं बैठेंगे। श्रीनगर के गुरुद्वारा शहीद बुंगा साहिब में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता पिछले एक महीने के दौरान सिख समुदाय की चार बच्चियों का जबरन धर्म परिवर्तन हुआ है। दो दिन पहले की घटना में 18 साल की एक बच्ची का अधेड़ उम्र के एक शख्स के साथ निकाह किया गया। यह फैसला हमारे समुदाय को कबूल नहीं। दुनिया भर से सिख समुदाय के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है। सिखों की अखंडपीठ अकाल तख्त साहिब ने भी इसका सख्त सख्त संज्ञान लेते हुए प्रदेश के एलजी को एक खत लिखा है। इसमें युवती को जल्द से जल्द वापस लौटाने के साथ-साथ एक ऐसे कानून को लागू करने की मांग की है जिससे जबरन धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। सिरसा ने कहा कि दुख इस बात का है कि आज हमारे साथ बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय का कोई भी व्यक्ति इन घटनाओं का विरोध करने वाला नहीं। आपसी भाईचारे की बात की जाती है वह केवल नाम के लिए है। जिस समय मनजिंदर सिंह सिरसा गुरुद्वारा शहीद बुंगा साहिब में मीडिया को संबोधित कर रहे थे तो एक अनोखा प्रदर्शन एक पिता-पुत्री की ओर से गुरुद्वारा साहिब के मुख्य गेट पर देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय के एक पिता-पुत्री वहां पहुंचे और इसके खिलाफ आवाज उठाई। पिता ने कहा कि हम कश्मीरी मुसलमान यहां के सिख भाइयों के साथ खड़े हैं। आज जो यह घटना हुई है सबको इसकी निंदा करनी चाहिए और इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। गलत को मिलनी चाहिए सजा जम्मू-कश्मीर सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष जीएम अहंगर, ट्रेड लीडर मो अमीन सोफी और उलेमाओं के कई प्रतिनिधिमंडल सिख समुदाय के लोगों से मिले। उन्होंने आश्वासन दिलाया कि वह गलत नहीं होने देंगे। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जिसने भी यह किया है गलत किया है उसे सजा मिलनी चाहिए। जहां तक इस्लाम में धर्म परिवर्तन का सवाल है किसी को दबाव डालकर धर्म परिवर्तन करवाना किसी भी सूरत में जायज नहीं है। ऐसी कार्रवाई शरिया के खिलाफ है। जम्मू-कश्मीर में सिख भाईचारा हमारे साथ सदियों से रहता आ रहा है और हम उनको एहसास दिलाना चाहते हैं कि वो यहां सुरक्षित हैं। हम उन दोनों परिवारों को और उन मौलवियों को भी यहां बुलाएंगे जिन्होंने यह कार्रवाई की है। जैसा आरोप लगाया जा रहा कि लड़की मानसिक रूप से सही नहीं वो भी हम देखने जाएंगे। रही बात आने वाले समय की तो हम दोनों समुदाय के लोग एक साथ बैठेंगे और कोई ऐसा रास्ता निकालेंगे, जिससे ऐसी कोई घटना भविष्य में न हो पाए। कोशिश की जाएगी कि कोई ऐसा कानून तैयार करें, ताकि कोई भी धर्म परिवर्तन न करवा सके। -मुफ्ती नासिर उल इस्लाम, मुफ्ती आजम अध्यक्ष, जम्मू -कश्मीर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड विस्तार कश्मीर में दो सिख युवतियों के धर्मांतरण के खिलाफ जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक सोमवार को विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हुईं। लोगों ने देश के अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में भी जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की। श्रीनगर में मुस्लिम समुदाय की बाप-बेटी ने सिखों के समर्थन में प्रदर्शन कर उनका समर्थन किया। जम्मू, कठुआ, उधमपुर, राजोरी समेत कई जिलों में सिखों ने प्रदर्शन किया। विज्ञापन चट्ठा में सिख समुदाय के लोग उतरे सड़क पर कश्मीर में सिख समुदाय की दो लड़कियों को कथित तौर पर अगवा कर उनका धर्मांतरण करने को लेकर सोमवार को जम्मू में सिख समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। सोमवार को चट्ठा स्थित कर्ण बाग इलाके में समुदाय के लोगों ने घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार से अंतर-धार्मिक विवाह कानून को लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान समुदाय के लोगों ने कहा कि इस तरह की घटना सहने योग्य नहीं है। सरकार को ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। प्रदर्शन में मौजूद सिख समुदाय की महिलाओं ने कहा कि बंदूक के बल पर लड़कियों का अपहरण और फिर उन्हें धर्म बदलने के लिए मजबूर करना और फिर अधेड़ उम्र के व्यक्ति के साथ विवाह करवाना शर्मनाक है। बहुसंख्यक समुदाय के धार्मिक व राजनीतिक लोगों को आगे आकर इस तरह की घटनाओं की निंदा करनी चाहिए। धर्मांतरण के खिलाफ रिहाड़ी में भी प्रदर्शन जबरन धर्मांतरण के खिलाफ जम्मू के रिहाड़ी चौक पर भी स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि कश्मीर घाटी में अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों को उल्लंघन किया जा रहा है। स्थानीय अरुण शर्मा ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश की तरह जम्मू-कश्मीर में अंतर-धार्मिक विवाह कानून लागू होना चाहिए। प्रदर्शन में हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद रहे। धर्मांतरण के आरो�