ख़बर सुनें
मध्यप्रदेश के सीधी में मंगलवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया। सीधी के रामपुर नैकिन थाना इलाके में 54 यात्रियों से भरी बस नहर में गिर गई। नहर से 51 शव निकाले जा चुके थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद सात लोगों को बचाया गया, जबकि ड्राइवर तैरकर बच निकला। उसे हिरासत में लिया है।
मरने वालों में दो साल का बच्चा भी शामिल है। इसमें 10 छात्र भी शामिल हैं जो परीक्षा देने जा रहे थे। दो युवतियों ने साहस दिखाते हुए सात यात्रियों की जान बचाई। ड्राइवर ने तैरकर अपनी जान बचाई। हादसे में प्रभावित सभी यात्री सीधी व आसपास के गांव के हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बस हादसे को लेकर सीधी के कलेक्टर से बात की। दर्दनाक हादसे को देखते हुए शिवराज सिंह ने गृह प्रवेश कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई। इनमें 10-10 हजार रुपये तत्काल प्रभाव से पीड़ित परिजनों को दिए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह हादसा हुआ, बस सीधी से सतना जा रही थी। साइड लेने के दौरान वह पुलिया से सीधे नहर में जा गिरी। घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण व अन्य लोग बस में फंसे लोगों की मदद में जुट गए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हो गए। एसडीआरएफ और गोताखोरों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। घटना की जानकारी लगते ही बस में सवार लोगों के स्वजन भी मौके पर पहुंच रहे हैं मौके पर कोहराम मचा हुआ है। नहर की गहराई 20 से 22 फीट बताई जा रही है। हादसे के चार घंटे बाद 11:45 बजे क्रेन की मदद से बस को बाहर निकाला गया।
चालक की जल्दबाजी ने लील लीं जिंदगियां
पुलिस के मुताबिक, बस की क्षमता 32 सवारियों की थी, लेकिन इसमें 54 यात्री भर लिए गए थे। बस को अपने तय समय पर सुबह पांच बजे रवाना होना था, लेकिन ये सुबह तीन बजे रवाना हो गई। सीधी मार्ग पर छुहिया घाटी से होकर बस को सतना जाना था, लेकिन यहां जाम की वजह से ड्राइवर ने रूट बदल दिया। वह नहर के किनारे से बस ले जा रहा था। यह रास्ता काफी संकरा था और इसी दौरान ड्राइवर ने संतुलन खो दिया, जिसके चलते बस खाई में गिर गई। बस के नहर में गिरते ही ड्राइवर बालेंद विश्वकर्मा ने तैरकर अपनी जान बचा ली। वह रीवा जिले के हरदुया सेमरिया गांव का रहने वाला है। बता दें कि झांसी से रांची के जाने वाला हाईवे सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली होते हुए जाता है। यहां जगह-जगह सड़क खराब और अधूरी है। इस वजह से यहां आए दिन जाम की स्थिति रहती है।
इस बस को सीधी से चुरहट, रामपुर नैकिन, बधबार और गोविंदगढ़ होते हुए सतना पहुंचना था। चुरहट तक बस आई, लेकिन उसके बाद रामपुर नैकिन से छात्रों के कहने पर ड्राइवर ने रूट बदल लिया। इन छात्र की परीक्षा थी। इसलिए उन्हें वक्त पर सतना पहुंचना था।
क्या थे हादसे के कारण
-बस की क्षमता 34 सवारियों की थी लेकिन इसमें 62 लोग बैठे थे।
-सीधी से सतना जाने वाला नेशनल हाईवे-39 छुहिया घाटी से गुजरता है। जगह-जगह सड़क खराब और अधूरी होने से पिछले कुछ दिनों से छुहिया घाटी में जाम लग रहा है।
-कई गाड़ियां छुहिया घाटी से पहले बगवार गांव से होते हुए जा रही थीं। बस के ड्राइवर ने भी जाम से बचने के लिए रूट बदला था।
-सीधी पुलिस ने लगातार लग रहे जाम को लेकर कोई उपाय नहीं किए थे। लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे के अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है जिन्होंने सड़क को ठीक करने पर ध्यान नहीं दिया।
पीएम ने अनुग्रह राशि की घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधी बस हादसे पर दुख जताया। साथ ही मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की मुआवजा देने और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुयये दिए जाने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी जानकारी दी।
गृह मंत्री शाह ने शिवराज से की बात
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की है। उन्होंने ट्वीट किया, 'मध्य प्रदेश के सीधी जिले में हुआ बस हादसा बहुत दुःखद है, मैंने मुख्यमंत्री शिवराज जी से बात की है। स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव के लिए हर संभव मदद पहुंचा रहा है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
बस का परमिट रद्द
वहीं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बस का परमिट रद्द कर दिया है। साथ ही ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ये बस जबलानाथ परिहार ट्रेवल्स की थी। बस के मालिक कमलेश्वर सिंह हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि जांच में जो भी दोषी होगा छोड़ा नहीं जाएगा।
बचाव टीम के संपर्क में हैं शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, ''नहर काफी गहरी है। हमने तत्काल बांध से पानी बंद करवाया और राहत और बचाव दलों को रवाना किया। कलेक्टर, एसपी और एसडीआरएफ की टीम वहां है। बस निकालने के प्रयास हो रहे हैं। मैं राहत और बचाव कार्य करने वाली टीम के संपर्क में हूं। सात साथी बचाए जा चुके हैं।''
मध्यप्रदेश के सीधी में मंगलवार सुबह बस दुर्घटना के बाद प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य में निर्मित एक लाख नए आवासों के लाभार्थियों के लिए गृह-प्रवेश कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस गृह-प्रवेश कार्यक्रम में लाभार्थियों के लिए नए आवासों का ऑनलाइन लोकार्पण करना था। शिवराज सिंह ने गृह प्रवेश कार्यक्रम को स्थगित करने की जानकारी देते हुए कहा, आज हम बड़े उत्साह से 1 लाख 10 हजार घरों में गृह प्रवेश का कार्यक्रम संपन्न करने वाले थे, लेकिन सुबह 8 बजे ही मुझे ये सूचना मिली कि सीधी जिले के बाणसागर नहर में यात्रियों से भरी एक बस नहर में गिर गई है। इसलिए आज कार्यक्रम करना उचित नहीं होगा।इसे किसी और दिन करेंगे।
शिवराज ने जताया दुख
इससे पहले, मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट किया, ‘‘सीधी में सतना जा रही बस के नहर में गिरने से हुए हादसे में कई अनमोल जिंदगियों के काल कवलित होने के समाचार से बहुत दुख हुआ। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान देने और लापता लोगों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।’’
शिवराज सीधी बस हादसे को लेकर परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत से मुख्यमंत्री आवास में चर्चा कर रहे हैं। लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत ने बताया कि बस का परमिट रद्द कर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी होगा, छोड़ा नहीं जाएगा। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को घटनास्थल पर भेजा गया है।
शिवराज ने कल के सभी कार्यक्रम स्थगित किए
सीधी हादसे के बाद शिवराज ने अपने कल यानी बुधवार को होने वाले सारे कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। वे 17 फरवरी को दमोह जाने वाले थे, लेकिन अब दमोह दौरा स्थगित कर दिया गया है। दमोह में होने वाले कल के सभी कार्यक्रम आगामी सूचना तक स्थगित कर दिए गए हैं।
मध्यप्रदेश के सीधी में मंगलवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया। सीधी के रामपुर नैकिन थाना इलाके में 54 यात्रियों से भरी बस नहर में गिर गई। नहर से 51 शव निकाले जा चुके थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद सात लोगों को बचाया गया, जबकि ड्राइवर तैरकर बच निकला। उसे हिरासत में लिया है।
विज्ञापन
मरने वालों में दो साल का बच्चा भी शामिल है। इसमें 10 छात्र भी शामिल हैं जो परीक्षा देने जा रहे थे। दो युवतियों ने साहस दिखाते हुए सात यात्रियों की जान बचाई। ड्राइवर ने तैरकर अपनी जान बचाई। हादसे में प्रभावित सभी यात्री सीधी व आसपास के गांव के हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बस हादसे को लेकर सीधी के कलेक्टर से बात की। दर्दनाक हादसे को देखते हुए शिवराज सिंह ने गृह प्रवेश कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई। इनमें 10-10 हजार रुपये तत्काल प्रभाव से पीड़ित परिजनों को दिए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, जिस समय यह हादसा हुआ, बस सीधी से सतना जा रही थी। साइड लेने के दौरान वह पुलिया से सीधे नहर में जा गिरी। घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण व अन्य लोग बस में फंसे लोगों की मदद में जुट गए। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हो गए। एसडीआरएफ और गोताखोरों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। घटना की जानकारी लगते ही बस में सवार लोगों के स्वजन भी मौके पर पहुंच रहे हैं मौके पर कोहराम मचा हुआ है। नहर की गहराई 20 से 22 फीट बताई जा रही है। हादसे के चार घंटे बाद 11:45 बजे क्रेन की मदद से बस को बाहर निकाला गया।
चालक की जल्दबाजी ने लील लीं जिंदगियां
पुलिस के मुताबिक, बस की क्षमता 32 सवारियों की थी, लेकिन इसमें 54 यात्री भर लिए गए थे। बस को अपने तय समय पर सुबह पांच बजे रवाना होना था, लेकिन ये सुबह तीन बजे रवाना हो गई। सीधी मार्ग पर छुहिया घाटी से होकर बस को सतना जाना था, लेकिन यहां जाम की वजह से ड्राइवर ने रूट बदल दिया। वह नहर के किनारे से बस ले जा रहा था। यह रास्ता काफी संकरा था और इसी दौरान ड्राइवर ने संतुलन खो दिया, जिसके चलते बस खाई में गिर गई। बस के नहर में गिरते ही ड्राइवर बालेंद विश्वकर्मा ने तैरकर अपनी जान बचा ली। वह रीवा जिले के हरदुया सेमरिया गांव का रहने वाला है। बता दें कि झांसी से रांची के जाने वाला हाईवे सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली होते हुए जाता है। यहां जगह-जगह सड़क खराब और अधूरी है। इस वजह से यहां आए दिन जाम की स्थिति रहती है।
इस बस को सीधी से चुरहट, रामपुर नैकिन, बधबार और गोविंदगढ़ होते हुए सतना पहुंचना था। चुरहट तक बस आई, लेकिन उसके बाद रामपुर नैकिन से छात्रों के कहने पर ड्राइवर ने रूट बदल लिया। इन छात्र की परीक्षा थी। इसलिए उन्हें वक्त पर सतना पहुंचना था।
क्या थे हादसे के कारण
-बस की क्षमता 34 सवारियों की थी लेकिन इसमें 62 लोग बैठे थे।
-सीधी से सतना जाने वाला नेशनल हाईवे-39 छुहिया घाटी से गुजरता है। जगह-जगह सड़क खराब और अधूरी होने से पिछले कुछ दिनों से छुहिया घाटी में जाम लग रहा है।
-कई गाड़ियां छुहिया घाटी से पहले बगवार गांव से होते हुए जा रही थीं। बस के ड्राइवर ने भी जाम से बचने के लिए रूट बदला था।
-सीधी पुलिस ने लगातार लग रहे जाम को लेकर कोई उपाय नहीं किए थे। लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे के अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है जिन्होंने सड़क को ठीक करने पर ध्यान नहीं दिया।
पीएम ने अनुग्रह राशि की घोषणा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधी बस हादसे पर दुख जताया। साथ ही मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की मुआवजा देने और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुयये दिए जाने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी जानकारी दी।
गृह मंत्री शाह ने शिवराज से की बात
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की है। उन्होंने ट्वीट किया, 'मध्य प्रदेश के सीधी जिले में हुआ बस हादसा बहुत दुःखद है, मैंने मुख्यमंत्री शिवराज जी से बात की है। स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव के लिए हर संभव मदद पहुंचा रहा है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
बस का परमिट रद्द
वहीं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बस का परमिट रद्द कर दिया है। साथ ही ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। ये बस जबलानाथ परिहार ट्रेवल्स की थी। बस के मालिक कमलेश्वर सिंह हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि जांच में जो भी दोषी होगा छोड़ा नहीं जाएगा।
MP: A bus, carrying around 54 passengers, fell into a canal in Sidhi after the driver lost control over it. 7 people rescued, search underway for rest of the passengers. A team is present at spot, operation is underway. Bus was going from Sidhi to Satna when the incident occurred pic.twitter.com/clmUfYdoQd
— ANI (@ANI) February 16, 2021
बचाव टीम के संपर्क में हैं शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने हादसे पर तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, ''नहर काफी गहरी है। हमने तत्काल बांध से पानी बंद करवाया और राहत और बचाव दलों को रवाना किया। कलेक्टर, एसपी और एसडीआरएफ की टीम वहां है। बस निकालने के प्रयास हो रहे हैं। मैं राहत और बचाव कार्य करने वाली टीम के संपर्क में हूं। सात साथी बचाए जा चुके हैं।''
गृह प्रवेश कार्यक्रम स्थगित किया
मध्यप्रदेश के सीधी में मंगलवार सुबह बस दुर्घटना के बाद प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत राज्य में निर्मित एक लाख नए आवासों के लाभार्थियों के लिए गृह-प्रवेश कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस गृह-प्रवेश कार्यक्रम में लाभार्थियों के लिए नए आवासों का ऑनलाइन लोकार्पण करना था। शिवराज सिंह ने गृह प्रवेश कार्यक्रम को स्थगित करने की जानकारी देते हुए कहा, आज हम बड़े उत्साह से 1 लाख 10 हजार घरों में गृह प्रवेश का कार्यक्रम संपन्न करने वाले थे, लेकिन सुबह 8 बजे ही मुझे ये सूचना मिली कि सीधी जिले के बाणसागर नहर में यात्रियों से भरी एक बस नहर में गिर गई है। इसलिए आज कार्यक्रम करना उचित नहीं होगा।इसे किसी और दिन करेंगे।
नहर काफी गहरी है। हमने तत्काल बांध से पानी बंद करवाया और राहत और बचाव दलों को रवाना किया। कलेक्टर, SP और SDRF की टीम वहां है। बस निकालने के प्रयास हो रहे हैं। मैं राहत और बचाव कार्य करने वाली टीम के संपर्क में हूं। 7 साथी बचाए जा चुके हैं: शिवराज सिंह चौहान https://t.co/tubF4OIjxI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 16, 2021
शिवराज ने जताया दुख
इससे पहले, मुख्यमंत्री चौहान ने ट्वीट किया, ‘‘सीधी में सतना जा रही बस के नहर में गिरने से हुए हादसे में कई अनमोल जिंदगियों के काल कवलित होने के समाचार से बहुत दुख हुआ। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान देने और लापता लोगों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करता हूं।’’
अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
शिवराज सीधी बस हादसे को लेकर परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत से मुख्यमंत्री आवास में चर्चा कर रहे हैं। लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। प्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत ने बताया कि बस का परमिट रद्द कर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में जो भी दोषी होगा, छोड़ा नहीं जाएगा। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को घटनास्थल पर भेजा गया है।
शिवराज ने कल के सभी कार्यक्रम स्थगित किए
सीधी हादसे के बाद शिवराज ने अपने कल यानी बुधवार को होने वाले सारे कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। वे 17 फरवरी को दमोह जाने वाले थे, लेकिन अब दमोह दौरा स्थगित कर दिया गया है। दमोह में होने वाले कल के सभी कार्यक्रम आगामी सूचना तक स्थगित कर दिए गए हैं।
विज्ञापन